एक गांव में एक गरीब परिवार निवास करता था। उनके पास सिर्फ़ कुछ ही खेती के लिए जमीन थी और उन्हें रोज़गार की कमी भी थी। गरीबी ने उन्हें कई सारे संकटों का सामना करना पड़ा, और इसके कारण परिवार में अकारण तनाव और दुःख छाया रहता था।

एक दिन, एक यात्री उनके गांव में आया और उनकी समस्या के बारे में सुनकर संवेदना व्यक्त की। उसने उनसे पूछा, “क्या आपके पास कोई रास्ता है जिससे आप अपनी समस्याओं का समाधान कर सकें?” उन्होंने कहा, “नहीं, हमें कोई ऐसा रास्ता नहीं मिल रहा है जो हमारी समस्याओं का समाधान कर सके। हमें सिर्फ़ दिनभर मेहनत करके अपने आगे के लिए एक रोटी के टुकड़े ढ़ूंढ़ने पड़ते हैं।”

यात्री ने उन्हें मुस्कान देते हुए कहा, “मैं एक सीधा रास्ता बता सकता हूँ जो आपकी समस्याओं का समाधान करेगा। आपको उसमें धैर्य रखना होगा और उसे अपनाने के लिए तैयार रहना होगा।” यात्री ने एक पेड़ का दर्शन कराया और कहा, “इस पेड़ के नीचे एक खजाना छिपा है। आपको हर दिन इसे सींगों से पूछना होगा और यह आपकी समस्याओं का समाधान करेगा।”

Impossible Is I Am Possible

गरीब परिवार ने यात्री के शब्दों को ध्यान से सुना और पेड़ के पास आकर बैठ गए। उन्होंने हर रोज़ उसे सींगों से पूछना शुरू किया। पहले दिन कुछ नहीं हुआ, लेकिन वे निराश नहीं हुए और धैर्य से अगले दिन फिर से प्रयास किया।

कुछ दिनों बाद, जब वे उठे तो उन्हें पेड़ के नीचे एक छोटा सा खजाना दिखाई दिया। उन्होंने खुशी के साथ उसे खोला और देखा कि वह खजाना उनके लिए एक विशाल संदेश था।

संदेश में लिखा था, “तुम्हारा धैर्य और मेहनत तुम्हें सभी समस्याओं का समाधान देगा। जब तक तुम सही रास्ते पर चलते रहोगे और अपने लक्ष्य की ओर ध्यान केंद्रित करोगे, जीवन तुम्हारे लिए खजाना की तरह होगा।”

इस कहानी से हमें यह सिख देती है कि जब हम अपनी समस्याओं के सामना करते हैं, तो हमें धैर्य और मेहनत के साथ सही रास्ते पर चलना चाहिए। हमारी समस्याओं का समाधान हमारे अंदर ही होता है, और जब हम इसे ध्यान में रखते हैं, तो हमारा जीवन खजाना बन जाता है।


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